भारतीय मे ब्रिटिश गवर्नर जनरल & वायसराय ||Governor and Governor General and Viceroy of India

  गवर्नर – गवर्नर जनरल & वायसराय ★ 

बंगाल के गवर्नर / फोर्ट विलियम के गवर्नर

राबर्ट क्लाइव (1758-60 )

वेन्सिटार्ट (1760-65)

राबर्ट क्लाइव (1765-67)

प्रवेरेहर्स्ट (1767-69)

कार्टिय (1969-72)

वारेन टेस्टिग्स (1772-73)

बंगाल के गवर्नर जनरल

वारेन हेस्टिंग्स (1773-85)

लॉर्ड कार्नवालिस (1786-93)

सर जॉन शोर (1793-1798)

लॉर्ड वेलेजली (1798-1805)

लॉर्ड मिटो प्रथम (1807-13)

लॉर्ड हेस्टिंग्स (1813-23)

लॉर्ड हर्स्ट (1823-28)

लॉर्ड विलियम बेटिक (1828-33)

भारत के गवर्नर जनरल 1833-1858

लॉर्ड विलियम बेंटिक (1833-35)

लॉर्ड ऑकलैंड (1835-42)

लॉर्ड एलनबरो (1142-44)

लॉर्ड हार्डिंग (1844-48).

लार्ड डलहौजी (1848-56)

लॉर्ड कैनिंग (1858-62)

भारत के वायसराय 1858-1947

लार्ड कैनिंग (1856-58)

लार्ड एल्गिन प्रथम – (1862)

लाई जॉन लारेंस-11864-69)

लार्ड मेयो (1869-72)

टू नॉर्थब्रुक (1872-76)

लॉर्ड लिटन (1876-80)

लॉर्ड डफरिन (1884-88)

लॉर्ड रिपन (1880-84)

लॉर्ड लैन्सडाउन (1888-94)

लॉर्ड एल्गिन II -(1894-99)

लॉर्ड कर्जन (1899-1905)

लॉर्ड मिंटो ll (1905-10)

लॉर्ड हार्डिंग II (1910-16)

लॉर्ड चेम्सफोर्ड (1916-21 )

लॉर्ड रीडिंग (1921-26)

लॉर्ड इरविन (1926-31)

लॉर्ड वेलिंगटन (1931-36)

लॉर्ड लिनलिथगो (1936-43)

लॉर्ड वेवेल -(1943-47 )

लॉर्ड माउंटबेटन-(मार्च-अगस्त 1947)

 गवर्नर जनरल :★ 

ब्रिटिश भारत में 1773 ई. से 1857 ई. के बीच तेरह गवर्नर जनरल आए। इनके शासनकाल में निर्माकित मुख्य घटनाएं एवं विकास हुए :

वारेन हेस्टिंग्स (1773-65 ):

*दोहरी शासन प्रणाली की समाप्ति ।

जो बंगाल के गवर्नर * (राबर्ट क्लाइव के द्वारा शुरू किया गया था ) ।

[दोहरी सरकार प्रणाली]

*प्रथम गवर्नर जनरल 7 बंगाल |

*1773 ई. का रेग्यूलेटिंग एक्ट ।

*1774 ई. में रोहिल्ला युद्ध एवं अवध के नवाब द्वारा रुहेलखंड पर अधिकार ।

* 1781 ई. का एक्ट ( इसके द्वारा गवर्नर जनरल परिषद एवं कलकत्ता,सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक अधिकार क्षेत्र का निर्धारण किया गया)।

*1782 में सालबाई की संधि एवं (1775-82) में प्रथम मराठा युद्ध।

*1784 ई. का पिट्स इंडिया एक्ट |

* द्वितीय मैसूर युद्ध (1780-84)

*सुरक्षा प्रकोष्ठ या घेरे की नीति का संबंध (वारेन हेस्टिंग्स एवं वेलेजली)

*1784 ई. में सर विलियम जोस एवं हेस्टिंग्स द्वारा एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल की स्थापना करना ।

*1785 ई. इंग्लैंड वापसी के बाद हाउस ऑफ लॉर्डस में महाभियोग का मुकदमा चलाया गया ।

लॉर्ड कार्नवालिस (1786-93) :

*1790-92 ई. में तृतीय मैसूर युद्ध |

*1792 ई. में श्रीरंगपटनम की संधि

*1793 ई. में बंगाल एवं बिहार में स्थायी कर व्यवस्था

*जमीदारी प्रथा की शुरूआत ।

*1793 ई. में न्यायिक सुधार,

• विभिन्न स्तरों के कोर्ट की स्थापना

•कर प्रशासन को न्यायिक प्रशासन से अलग करना |

*सिविल सर्विस की शुरुआत ।

*प्रशासन तथा शुद्धिकरण के लिए सुधार ।

*स्थायी बंदोबस्त प्रणाली को इस्तमरारी, जारीरदारी, मालगुजारी एवं बीसवेदारी आदि के नाम से भी जाना जाता है।

★ सर जॉन शोर (1793-98):

* स्थायी बंदोबस्त (1993) को शुरू करने में इन्होंने राजस्व बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया। लेकिन उनके गवर्नर जनरल डाल में कोई महत्वपूर्ण घटना नहीं हुई।

★ लॉर्ड वेलेजली (1798-1805):-

  1. 1798 ई. में सहायक संधि व्यवस्था की शुरूआत और हैदराबाद के निजाम के साथ 1798 ई. में प्रथम सहायक संधि ।
  2. चौथा मैसूर युद्ध (1799) एवं मैसूर के कई भागों पर कब्जा |
  3. बसीन की सहायक संधि (1802) * द्वितीय मराठा युद्ध (1803-05)
  4. तंजौर एवं कर्नाटक राज्यों पर कब्जा करने के बाद, मद्रास प्रांत की स्थापना ।
  • वेलेजली द्वारा सहायक संधि को स्वीकार करने वाला राज्य थे – हैदराबाद (1798 एवं 1800)

तंजौर (अक्टूबर, 1799)

मैसूर (1999)

अवध ( 1801)

पेशवा (1802)

बरार के भोसले (1803)

सिंधिया (1804)

जोधपुर, जयपुर, मच्छेरी, बूंदी तथा भरतपुर

Note :सहायक संधि दो स्वीकार करने वाला पहला शासक – – अवध हा नवाब (1765)

वेलेजली की सहायक संधि को स्वीकार करने वाला प्रथम शासक हैदराबाद का निजाम (1998)

लाई मिटो प्रथम (1807-13)

मिंटो के पहले सर जार्ज बारदो दो वर्ष (1605-07) के लिए गवर्नर जनरल बना !

★ वैल्लोर विद्रोह (1606) 1

★ रंजीतसिंह के साथ अमृतसर की सौंध (1809)। * 1813 ई. डा चार्टर एक्ट ।

★ लॉर्ड हेस्टिंग्स (1613-23) :

आंग्ल- नेपाल युद्ध या गोरखा युद्ध (1814-16), युद्ध में विजय के कारण वह 1816 ई. मारक्विज ऑफ हेस्टिंग्स बना ।

तृतीय आंग्ल- मराठा युद्ध (1817-183.)1, पेशवा खत्म कर दिया गया एवं उसके सभी क्षेत्रों पर अधिकार कर लिया गया ।

बेबई प्रांत बनाया गया (1618) Quantusix पिंडारी युद्ध (1817-1818) 1

गवर्नर थामस मुनरो द्वारा 1820 ई. में रैयतवाड़ी व्यवस्था लागू की गई। ऐल रोड (बंदोबस्त)

रैयतवाड़ी बंदोबस्त दक्षिण भारत में प्रथम तमिलनाडु के बारामहल जिले, तत्पश्चात यह व्यवस्था मद्रास, बबई प्रेसीडेंसी, पूर्वी बंगाल, असम एवं कुर्ग (कर्नाटक) में लागू की गई।

– किसानों द्वारा लगान (कर) सीधे सरकार को दिया जाता था !

– सरकार रैयत को पट्टे देती थी।

-दुर लगाने के पूर्व भूमि का सर्वेक्षण और मूल्य-निर्धारण किया जाता था ।

★ लार्ड उम्हर्स्ट (1823-28):

प्रथम बर्मा युद्ध (1824-26)

भरतपुर पर कब्जा (1826)

★ लॉर्ड विलियम बैटिक (1828-35) –

★ सती प्रथा पर रोक (1829)1,

★ बालिका शिशु वध जैसी कुरीतियों को समाप्त।

★ ठगों का दमन (1829-35)

★ 1833 ई. का चार्टर एक्ट ।

★ मैकॉले माइन्यूट अनुदेश के अनुसार अंग्रेजी शिक्षा पद्धति की शुरुआत (1935)

मैसूर के राजा की राज्यच्युति (1831) एवं क्षेत्रों पर कब्जा |

जैंतिया एवं काचर पर कब्जा (1832)

कुर्ग पर कब्जा (1834)

★ आगरा प्रांत का गठन (1834)

★ लॉर्ड ऑकलैंड (1835-42 ) :

★ प्रांतीय अपील अदालतों एवं सर्किट अदालतों की समाप्ति एवं उसके स्थान पर कमिश्नरों की नियुक्ति ।

★ ऑकलैंड से पहले सर भेटकॉफ जो कि एक छोटे समय के लिए प्रशासन का प्रभारी बना था, ने 1835 में भारतीय प्रेसों को प्रतिबंधों से मुक्त कर दिया।

★ प्रथम अफगान युद्ध (1836-42), युद्ध में अंग्रेजो को भारी क्षति हुआ एवं ऑकलैंड को वापस बुला लिया गया ।

★रंजीत सिंह की मृत्यु (1839)

★ लार्ड एलनबरो (1842-44)

★ प्रथम अफगान युद्ध की समाप्ति (1642)

★सिंध पर कब्जा यानि सिंध विजय (1843)

★ ग्वालियर के साथ युद्ध (1843)

★ दास प्रथा की समाप्ति (1843)

लॉर्ड हार्डिंग (1644-48):

★प्रथम सिख युद्ध (1845-46)

★लाहौर की संधि (1846)

★ स्त्री शिशु हत्या पर रोक

★ गोंड एवं मध्य भारत में मानव बलि प्रथा का दमन ।

★लॉर्ड डलहौजी (1845-56) :

★ द्वितीय सिक्ख युद्ध (1848-49) एवं पंजाब पर कब्जा

★ द्वितीय बर्मा युद्ध (1852) एवं बर्मा के निचले भाग पर कब्जा !

★ 1853 ई. का चार्टर एक्ट 1

★ 1853 ई. में – रेलवे लाइन ( लंबई से थाणे के बीच प्रथम रेल),

★ भारत में सर्वप्रथम रेल यात्रा का प्रारंभ ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे द्वारा किया गया था।

★ टेलीग्राफ / प्रथम लाइन कलकत्ता से आगरा के बीच), एवं Gvesa

★1853 में डाडु व्यवस्था की शुरुआत |

★ डॉक्ट्रन ऑफ लैप्स (विलय नीति) लागू किया जाना एवं इसके (अन्तर्गत सतारा (1848)- प्रथम, संबलपुर (1849), झाँसी (1853),नागपुर (1854) इत्यादि पर कब्जा ।

★ अवध का नवाब वाजिद अली शाह पर कुप्रशासन का आरोप लगाकर 1856 ई. को उलहौजी द्वारा अंग्रेजी राज्य में विलय

  • बड्स शिक्षा मैिच (1854) और अंग्रेजों द्वारा जनसमुदाय को शिक्षित करने की जिम्मेदारी लेना ।
  • सभी प्रांतों में लोक निर्माण विभाग की स्थापना |
  • संभाल विद्रोह (1055-se separtment

★ विधवा पुनर्विवाह विधेयक (1956) में पारित ।

  • डलहौजी काल के दौरान ही भारत में प्रथम इंजिनिरींग कॉलेज, Roorkee engineering College की स्थापना हुई थी।

★ लॉर्ड कैनिंग (1856-58) :

तीन विश्वविद्यालयों (कलकता, मद्रास एवं बंबई 1857 ई. में) की स्थापना।

  • *1857 ई. का विद्रोह |

★ गवर्नर ★ 

लॉर्ड रॉबर्ट क्लाइव (1758-60, 1765-67):

  • रॉबर्ट क्लाइव को भारत में ब्रिटिश साम्राज्य का संस्थापक माना जाता है। जिसने ‘प्लासी के युद्ध’ ( 23 जून, 1957) में बंगाल डे, नवाब सिराजुयौला को पराजित कर पहली बार भारत में ब्रिटिश प्रभुत्व ही नींव रखी थी।
  • कलकता की काउंसिल द्वारा जून 1758 ई० में रॉबर्ट क्लाइव को बंगाल का गवर्नर नियुक्त किया गया तथा दिसंबर 1759 ई. में इस नियुक्ति को कानूनी वैधता दी गई।
  • अवध के नवाब शुजाउधौला के साथ इलाहाबाद की संधि’ (16 अगस्त 1765)/ * क्लाइव को ‘स्वर्ग से उत्पन्न सेनानायक’ भी कहा जाता है।
  • इसके समय में अंग्रेज सैनिकों का एक श्वेत विद्रोह हुआ था।

★ क्लाइव द्वारा बंगाल में सफलतापूर्वक एक ‘लुटेरा राज्य की स्थापना।

★ लॉर्ड राबर्ट क्लाइव डे कार्यकाल में ईस्ट इंडिया कंपनी को शाहआलम द्वारा बंगाल, बिहार तथा उड़ीसा में 29 अगस्त 61765 डो दीवानी अधिकार दिए गए।

* दोहरी शासन व्यवस्था लागू ।

वेन्सिटार्ट (1760-63):

बक्सर की लड़ाई (22 अक्टूबर 1764)

  • 20 फरवरी, 1765 ई. में अंग्रेजों एवं नए नवाब के बीच संधि

 वारेन हेस्टिंग्स :

★ दोहरी शासन व्यवस्था (Duel Government) को समाप्त किया।

बंगाल के प्रशासन पर सीधा नियंत्रण स्थापित करना।

★ अवध के नवाब के साथ 1973 ई. में बनारस संधि |

 वायसराय★ 

लॉर्ड कैनिंग (1858-62):-

*1857 ई. के विद्रोह के महारानी ‘विक्टोरिया की उद्‌घोषणा पर2 नवंबर 1858 ई. को भारत सरकार अधिनियम पारित किया गया । बाद * इसके तहत लॉर्ड कैनिंग ब्रिटिश भारत का प्रथम वायसराय बना ।

★ ई. आई. सी.ओ. के यूरोपीय सैनिकों द्वारा 1859 ई. में श्वेत विद्रोह 1861 ई. में भारतीय परिषद विधेयक पारित किया गया।

लॉर्ड एल्गिन प्रथम (1862):-

  • ₹1862 ई. में उसकी अचानक मृत्यु हो गई । सर नेपियर एवं सर डेनिसन द्वारा 1862 ई. से 1864 ई. तक प्रशासन की देखरेख ।

लॉर्ड जॉन लॉरेंस (1864-69):-

1865 ई. में भूटान के साथ युद्ध ।

पंजाब और अवध किरायेदारी, 1860, अधिनियमित किया गया था।

भारत में दो अकाल पड़े; पहला उड़ीसा में और दूसरा बुंदेलखंड और राजपूताना मैं ।

दौरान एक अकाल आयोग सर हेनरी इसके समय अवधि के दौरान एक अकाल डैम्पबेलडी अध्यक्षता में स्थापित |

लॉर्ड मेयो (1869-72):-

  • भारतीय राजकुमारों की शिक्षा एवं राजनैतिक प्रशिक्षण के लिए दो कॉलेजों की स्थापना |
  • इनमें से प्रथम कठियावाड में राजकोट कालेज एवं दूसरा राजस्थान के अजमेर शहर में मेयों डॉलेज की स्थापना ।
  • भारत के सांख्यकीय सर्वेक्षण का गठन यानि भारत की प्रथम जनगणना (1972) में प्रारंभ हुई।

कृषि एवं वाणिज्य विभाग की स्थापना ।

* राज्य रेलवे व्यवस्था की शुरुआत।

  • अंडमान निरोबार द्वीप समूह में एक कैदी द्वारा 1872 ई. में उसकी हत्या |

लॉर्ड नार्थब्रुक (1872-76)

  • प्रिंस ऑफ वेल्स एडवर्ड III की ‘1875 ई. में भारत यात्रा |
  • अफगानिस्तान के प्रति एक जोराभरी ‘अग्र (फॉरवर्ड)’ नीति का अनुसरण । अफगान प्रश्न पर उसका त्यागपत्र ।

★ कुका आंदोलन की शुरुआत |

  • आयकर का उन्मूलन तथा 1873-14 में बिहार और बंगाल में अदाल।

लॉर्ड लिटन (1876-80):-

*1876 ई. का शाही उपाधि अधिनियम ।

*1 जनवरी 1877 ई. में दिल्ली दरबार का आयोजन जिसमें रानी विक्टोरिया को भारत की महारानी ( कैंसर-ए-हिंद) की उपाधि प्रदान करना |

*1878 ई० का वर्नाक्युलर प्रेस विधेयक एवं आर्म्स विधेयक।

* द्वितीय अफगान युद्ध (1678-80)1

* सर रिचर्ड स्ट्रैची के अधीन 1878 ई. में प्रथम अकाल आयोग की नियुक्ति ।

  • मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल डॉलेज की नींव अलीगढ़ में 1877 में लॉर्ड लिटन के द्वारा रखी गई थी।
  • वैधानिक सिविल सेवा परिक्षा (1879) जो इंग्लैंड में आयोजित, उसमें उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 21 से 19 कर दी गई ।

लार्ड रिपन (1680-84):-

*1881 ई. का प्रथम फैक्ट्री विधेयक।

*जनगणना- (254 million)

*1881 ई. में भारत की प्रथम नियमित

*1882 ई. में स्थानीय स्वशासन की शुरुआत।

* वर्नाक्युलर प्रेस विधेयक 1862 ई. में रह ।

* केन्द्रीय वित्त का 1862 ई. में विभाजन ।

* सर विलियम हंटर के अधीन शैक्षिक आयोग का 1882 ई. में गठन ।

★ 1863 ई. में अकाल सहिता ।

★ इल्बर्ट बिल विवाद (1883)1 – यूरोपीयों के खिलाफ मामलों की सुनवाई करने के लिए भारतीय न्यायाधीरों पर लगाई गई अयोग्यताओं

को हटाया जाना ।

★ सिविल सेवा के लिए प्रवेश दो अधिकतम उम्र बढ़ा दुर 21 वर्ष कर दी गयी।

लॉर्ड डफरिन (1884-88):-

*तृतीय बर्मा युद्ध (1885-86)।

*भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना ( उस समय लॉर्ड क्रास राज्य सचिव थे)।

लॉर्ड लैन्सडाउन (1888-94) :-

*1891 ई. का फैक्टरी विधेयक ।

*सिविल सेवा का साम्राज्यीय, प्रांतीय एवं अधीनस्थ तीन भागों में विभाजन ।

*1892 ई. का भारतीय परिषद विधेयक।

*इंईंड कमीशन की नियुक्ति एवं इसके द्वारा ब्रिटिश भारत एवं अफगानिस्तान के बीच डुरंड रेखा सुनिश्चित करना ।

लॉर्ड एल्गिन II ( 1894-99) :-

*पूना के चापेकर भाईयों द्वारा 1899 ई. में दो ब्रिटिश अधिकारियों की हत्या ।

*1896 में बंबई में प्लेंग।

* बीकानेर और हिसार जिले में गंभीर सूखे।

★ लॉर्ड कर्जन (1899-1905) :-

*सर थॉमस के अधीन 1902 ई. * में विश्वविद्यालयों में आवश्यक सुधारों हेतु सुझाव देने के लिए एक आयोग का गठन किया गया, इसकी सिफारिशों के आधार पर 1904 ई. में भारतीय

विश्वविद्यालय विधेयक पास किया गया। ★ 1904 ई. का प्राचीन स्मारक संरक्षण विधेयक ।

  • 1904 ई. में दुर्नल अंगहस्बैंड दा तिब्बत अभियान ।
  • दिल्ली के पूसा में कृषि अनुसंधान संस्थान की स्थापना |

1905 ई. में बंगाल डा विभाजन में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की स्थापना

लॉर्ड मिंटो II (1905-10) :-

* विभाजन विरोधी एवं स्वदेशी आंदोलन ।

सूरत अधिवेशन एवं काँग्रेस का विभाजन (1907)

1906 ई. में ढाका डे नवाब आगा खान एवं अन्य द्वारा मुस्लिम लीग की स्थापना ।

  • 1909 ई. का भारतीय शासन अधिनियम या मिटो. मोर्ले सुधार ।

लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय (1910-16) :-

  • बंगाल विभाजन हो खत्म कर मद्रास एवं बंबई की तरह गवर्नरशिप का गठन (1911 )
  • बिहार एवं उड़ीसा के लिए लेफ्टीनेंट गवर्नरशिप और असम के लिए मुख्य कमिशनरशिप ।
  • राजा जॉर्ज पंचम एवं रानी मैरी दु. दिल्ली दरबार का आयोजन। सम्मान में 1911 मे
  • 1912 ई० में राजकीय राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरण
  • प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत (1914)
  • 1915 ई. में गोपाल कृष्ण गोखले की मृत्यु ।
  • मदनमोहन मालवीय एवं कुछ पंजाबी नेताओं द्वारा 1915 हिंदू महासभा की स्थापना ।

लॉर्ड चेम्सफोर्ड (1916-21) :-

  • *दो होमरूल लोगों की ‘स्थापना, पहली तिलक द्वारा अप्रैल 1916 ई. में एवं दूसरी श्रीमति एनीबेसेंट द्वारा सितंबर 1916 में
  • लखनऊ, अधिवेशन एवं कांग्रेस का पुनर्मिलन (1910) (महत्वपूर्ण भूमिका- एनीबेसेंट द्वारा)

* कांग्रेस एवं मुस्लिम लीग के बीच लखनऊ समझौता (1916) (महत्वपूर्ण भूमिका – तिलक द्वारा)

  • इसके काल में गाँधी जी द्वारा साबरमती आश्रम की स्थापना (1916) चंपारण सत्याग्रह (1917), अहमदाबाद सत्याग्रह (1918) एवं खेड़ा सत्याग्रह (1978)
  • 1916 में पूना में महिला विश्वविद्यालय की स्थापना ।
  • राज्य सचिव मौटेग्यू की 1917 ई. में अगस्त घोषणा |
  • मोटफोर्ड सुधार या 1919 ई० का गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एसट ।
  • एस. एन. बनर्जी डे नेतृत्व में इंडियन लिबरल फैडरेशन की 1918 ई. में स्थापना |

शैलेट एक्ट (मार्च 1919 )

जलियाँवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919 )

★ तिलक की मृत्यु (1 अगस्त 1920)

★ खिलाफत समिति का गठन और खिलाफत आंदोलन (1919-20) डी शुरुआत

★ असहयोग आंदोलन की शुरुआत (1920-22)1 दिसम्बर 1920 में कांग्रेस कानागपुर अधिवेशन, काग्रेस के संविधान में परिवर्तन।

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★ सर एस. पी० सिन्हा की बिहार के लेफ्टीनेंट गवर्नर के रूप में नियुक्ति (सर सिन्हा गवर्नर बनने वाले प्रथम और ब्रिटिश संसद के सदस्य बनने वाले दूसरे भारतीय थे, पहले दादा भाई नौरोजी भारतीय थे ।

★ लॉर्ड रीडिंग (1921-26) :-

  • चौरी-चौरा घटना (5 फरवरी 1922) ‘और गांधी जी द्वारा असहयोग आंदोलन वापस लेना ।
  • सी. आरु दास (देशबंधु) और मोतिलाल नेहरू द्वारा दिसंबर 1922 ई. में में स्वराज्य पार्टी का गठन।

• शैलेट एक्ट रद्द कर दिया जाना ।

  • 1923 ई में भारतीय सिविल सेवा हेतु इंग्लैंड एवं भारत दोनों स्थानों पर एक साथ परीक्षा की शुरुआत ।
  • भारतीय नौसेना के अधिकारी वर्ग का भारतीयकरण शुरू
  • भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (1925) में स्थापना

★ लॉर्ड इरविन (1926-31) :-

  • क्रिश्चियन वायसराय के रूप में लोकप्रिय।
  • साइमन कमीशन की नियुक्ति (नवंबर 1927) और कांग्रेस द्वारा दुमीशन का बहिष्कार |
  • हारकोर्ट बटलर के नेतृत्व में इंडियन दुमीशन की नवंबर 1924 ई० में नियुक्ति और इसकी प्रतिक्रिया में राज्य की जनता द्वारा अखिल भारतीय रियासती जनता सम्मेलन (All India States Peoples Conference) का दिसंबर 1927 ई. में आयोजन |
  • प्रथम भारतीय युवा कांग्रेस का दिसंबर 1928 ई. में सम्मेलन |
  • सर्वदलीय समिति का आयोजन एवं. नेहरू रिपोर्ट (1928) लोर्ड इरविन द्वारा 1929 ईई में दीपावली घोषणा।

  • कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन (दिसंबर 1929) और संपूर्ण स्वराज का संकल्प, 26 जनवरी, 1930 ई० को पहला स्वतंत्रता दिवस निश्चित किया जाना ।
  • 12 मार्च 1930 ई. को गांधी द्वारा दौडी मार्च के साथ सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू।

★1930 ई. में कांग्रेस द्वारा प्रथम गोलमेज सम्मेलन का बहिष्कार; गाँधी इरविन समझौता और मार्च 1931 ई. में आंदोलन की समाप्ति ।

लॉर्ड वेलिंगटन (1931-36):-

  • सितंबर 1931 ई. में गाँधी जी • लिया गया और सम्मेलन की असफलता। द्वारा दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग कांग्रेस के बिना प्रतिनिधित्व के तीसरा गोलमेज सम्मेलन (1932)
  • ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्जे मैक्डोनाल्ड द्वारा कम्यूनल एवार्ड की घोषणा
  • यरवदा जेल में गाँधी जी हा आमरण अनशन
  • गाँधी जी और अंबेडकर के बीच पूना पैक्ट (सितंबर 1932 )
  • 1935 ई. का गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट |
  • 1935 ई. में बर्मा का भारत से अलग होना।
  • 1934 ई. में आचार्य नरेंद्र देव और जयप्रकाश नारायण द्वारा सोशलिस्ट काँग्रेस पार्टी की स्थापना |
  • 1936 ई० में संपूर्ण भारत किसान सभा की स्थापना |

  • 1937 ई० में अनेक प्रांतो “में कांग्रेस मंत्रिमंडल बना ।

* सुभाष चन्द्र बोस एवं उनके समर्थकों द्वारा ‘फॉरवर्ड ब्लाउ’ की 1939 ई० में स्थापना |

★ द्वितीय विश्व युद्ध को शुरुआत (1939)

  • कांग्रेस मंत्रिमंडलों के त्यागपत्र दो मुस्लिम लीग द्वारा 1939 में मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाना ।
  • 23 मार्च 1940 ई. को मुस्लिम लीग द्वारा लाहौर प्रस्ताव में मुस्लिमों के लिए अलग राज्य की मांग ।
  • 1940 ई. में लिनलिथगो द्वारा अगस्त प्रस्ताव; कांग्रेस द्वारा इसकी अस्वीकृति और गाँधी द्वारा सत्याग्रह की शुरुआत

*1941 ई. मे सुभाषचंद्र बोस द्वारा भारत से भाग निकलना।

* मार्च 1942 ई में क्रिप्स मिशन द्वारा भारत को ‘स्वशासन’ का प्रस्ताव और कांग्रेस द्वारा इसका बहिष्कार ।

* 8 अगस्त 1942 ई. कांग्रेस द्वारा ‘भारत छोड़ो आंदोलन ‘ की शुरुआत; सभी कांग्रेस नेताओं का बंदी बनाया जाना ।

लॉर्ड वेवेल (1943-47):

  • सी- राजगोपालाचारी द्वारा C.R. फार्मूला प्रस्तुत करना और इस पर 1944 ई. में गाँधी-जिन्ना वार्ता: वार्ता डी असफलता
  • 1945 ई. में वेवेल योजना और इस पर विचार करने के लिए, शिमला सम्मेलन; और इसकी असफलता !
  • I.N.A. पर मुकदमा और 1946 में नौसैनिक विद्रोह ।
  • 1946 ई. में लॉरेंस, क्रिप्स और एलेक्जेंडर तीन सदस्यों कैबिनेट मिशन तथा कांग्रेस और लीग दोनो द्वारा इसकी स्वीकृति ।

★ 17 अगस्त 1946 ई. को लीग द्वारा ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ की शुरुआत, लेकिन अक्टूबर 1946 ई. में इसका अंतरिम सरकार में शामिल हो जाना। यह संवैधानिक सभा से अलग था।

  • सितंबर 1946 ई. को कांग्रेस द्वारा अंतरिम सरकार का गठन ।
  • लॉर्ड माउंटबेटन (मार्च-अगस्त 1947):
  • माउंटबेटन योजना |
  • भारत का विभाजन |
  • स्वतंत्रता की प्राप्ति ।

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